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कार्यों को करने के लिए संकल्प आवश्यक है- भय्यूजी महाराज

तारीख : February 12, 2016 कुल देखें : 1265

हमारे देश का विकास तेजी से हो रहा है पर कितने ही काम ऐसे है जिसमें सब का सहयोग आवश्यक है। देश में जहां विकास हो रहा है। बड़े बड़े मॉल, सड़के, उँची बिल्डिंग, वस्तुओं का निर्यात हो रहा है वहीं पर हम देखते है कि अनेक तबके ऐसे है जहां विकास की छाँव कोसों दूर है। इसलिए गरीब और गरीब होता जा रहा है और अमीर और अमीर होता जाता है। विकास की दौड़ में कहीं ऐसा न हो कि  हमारे हाथों से मानवता धर्म की डोर छूट जाए। इसलिए हमें उन लोगों तक भी पहुँचना है जो अपने ही देश में सामान्य आवश्यकताओं से भी वंचित है। 



सामान्य आवश्यकता रोटी कपडा मकान तो है ही साथ ही वह व्यवस्था जो देश में रहने वाले बच्चों को यहां के लोगों को स्वावलंबी बनाएँ। विकास की अंधी दौड़ में भागते हुए हमारे भीतर की संवेदनाएँ जो क्षीण होती जा रही है उसे पुनः ऊर्जावान बनाने का अब समय आ गया है। तो आईये मैंने जो संकल्प लिए है उसके साथ आपका भी सहयोग हो। सहयोग के लिए बहुत रुपयों की आवश्यकता नहीं है। सहयोग के लिए हमारी अपनी मानसिकता में परिवर्तन आवश्यक है। हम कार लेकर कहीं से गुजर रहे है और कोई असहाय हमें दिख जाता है तो हमारे हाथ उसकी सहायता के लिए उठ जाए। एक बार सिर्फ एक बार हम उसके लिए सोंचे।



देश में समस्याएं बढ़ती जा रही है। चाहे वह पर्यावरण की समस्या हो, जल की समस्या हो, अन्न के वितरण को लेकर हो, प्राकृतिक मार को सह रहे किसानों की हो या झोपड़ी में रह रहे उन परिवारों की जिनके बच्चें साधारण सी आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए अपना बचपन गँवा देते है। संस्कृति में नारी स्वतंत्रता की हम बात करते है पर क्या सचमुच हमारे यहाँ नारी स्वतंत्र और सुरक्षित है। समाज के लोग उन स्त्रियों पर अत्याचार करते है जो मानसिक विक्षिप्त है। समाज उन लोगों को भी अपराधी दृष्टि से ही देखता है जो बरसों बंदिगृह में सजा काट चुके है। इस दृष्टि के कारण हम अपराधों को जाने अनजाने में बढ़ाने का ही कार्य करते है।



हमें राष्ट्र रुपी दत्तात्रेय का निर्माण करने के लिए सेवा, समर्पण, त्याग की संवेदनाओं को बढ़ावा देना होगा। निर्धन असहाय व्यक्तियों को सहारा देकर उन्हें देश के विकास की मुख्य धारा से जोड़ना होगा। फिर वह शिक्षा सम्बंधित कार्य हो, कृषि सम्बंधित हो , कुपोषित बच्चों के लिए हो, महिला सशक्तिकरण के लिए हो या वरिष्ठ नागरिकों के लिए। सहायता उनकी करें जिसे सचमुच आवश्यकता हो।  



निर्धन निराश्रित वर्ग की सहायता के लिए मेरा संकल्प है कि निःशुल्क कार्य हो। इस हेतु इस वर्ष दस हज़ार बच्चों को शैक्षणिक सहायता दी जाएगी। भूमि सुधार अभियान किसानों के लिए आवश्यक है। सौ ग्रामों में भूमि सुधार अभियान चलाया जाएगा जिससे कृषक अपनी परम्परागत खेती से लाभान्वित हो सके। निर्धन कृषकों को निःशुल्क बीज वितरण। जल संधारण योजना अंतर्गत 100 तालाबों का निर्माण। किसानों के पशुओं के लिए वेटेनरी वाहन, पशुओं के लिए पानी की टंकियाँ। जीवदया अभियान के अंतर्गत पशुओं का टीकाकरण, पक्षियों के दान पानी हेतु पच्चीस हज़ार सकोरों का वितरण। जिन्होंने आत्महत्या की है ऐसे किसान परिवारों के बच्चों को शैक्षणिक सहायता, सायकल वितरण। औषधी बैंक, अन्न बैंक, वस्त्र बैंक, पुस्तक बैंक के माध्यम से सहायता पहुँचाना।   



नारी सशक्तिकरण हेतु देवदासियों की प्रथा से महिलाओं को  मुक्त करना। उनका संरक्षण, भरण पोषण, मानसिक विक्षिप्त बहनों का संरक्षण। पचास हज़ार वरिष्ठ नागरिकों को हेल्थ कार्ड वितरण जिससे वे कम खर्च में अपना ईलाज कर सके। मातृशक्ति सम्मान योजना का प्रारंभ इसी वर्ष। पर्यावरण शुद्धता के लिए वृहत स्तर पर वृक्षारोपण करना। देव वृक्षों का संवर्धन, रोपण तथा पितरों के नाम से पौधे लगाने के लिए जनमानस तैयार करना जिससे वृक्षों के प्रति आदर भावना हो। पर्यावरण शुद्धि के लिए स्वच्छता पर ध्यान देने का कार्य संस्था द्वारा किया जाएगा। ग्रामों में शौचालयों का वितरण करना। मंदिर परिसर, तीर्थ परिसर, स्कूल परिसर में अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर प्रदुषण मुक्त रखना। 



मन की प्रसन्नता और शांति के लिए दर्यापुर, अम्बेजोगई, खामगांव में ध्यान केन्द्रों की स्थापना होगी। मध्यप्रदेश में सूर्योदय बालगृह एचआईवी बच्चों के लिए, कृषितीर्थ योजना किसानों के लिए, भारत भविष्य आधार योजना पर कार्य हो रहा है जिसमें निर्धन एवं गरीब बस्तियों, फूटपाथ के बच्चों को शिक्षा, खेल, विविध गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर उनके ज्ञान का विस्तार किया जाएगा। साथ ही कारावास से मुक्त होने वाले बंदियों को पूजा पाठ, हवन, कंप्यूटर कार्य आदि सीखा कर उनके मनोबल को बढ़ाकर उन्हें स्वावलंबी बनाने की योजना शीघ्र क्रियान्वित की जा रही है।



महाराष्ट्र के संगोला, इंदापुर, तुलजापुर में गौशाला, पारायण हाल, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम, समिश्रण स्कूल की योजना पर इसी वर्ष शीघ्र ही कार्य होगा। समाज में ऐसे अनेक क्षेत्र है जिनके लिए मुझे कार्य करना है और मैं कार्य करना चाहता हूँ। देश का युवा इस और ध्यान दें तथा सहयोग करें तो यह कार्य हम आसानी से कर सकते है। संकल्पों को पूर्ण करने के लिए एक विचार के साथ व्यवस्था और व्यवस्था को पूर्ण रूप देने के लिए श्रम दान, अर्थ दान, विचार दान की आवश्यकता होती है। युवा चाहे तो सब कुछ कर सकता है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह कार्य पूर्ण होंगे।



 जय हिन्द, जय भारत !!



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