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आदर्श पिता ही आदर्श संतान को जन्म दे सकता है |

तारीख : May 01, 2016 कुल देखें : 180

जीवन को देखने की दृष्टि सभी की अलग-अलग होती है | कुछ इसे साधारण मान यूं ही गवां देते हैं तो कुछ अपने कर्मों की सार्थकता से इसे अर्थ प्रदान कर जाते हैं | ऐसी ही एक असाधारण व्यक्तित्व स्व. श्री विश्वासरावजी देशमुख थे, जिनके कर्मों की सुगन्ध से वातावरण आज भी महक रहा है | उन्हीं की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा उनके जीवन से अन्य व्यक्ति भी प्रेरित हो सकें, इस हेतु सद्गुरु श्री भय्यूजी महाराज की प्रेरणा से सूर्योदय परिवार द्वारा कई सेवा-प्रकल्प चलाए जा रहे हैं | इनसे समाज के कई वर्गों को प्रत्यक्ष लाभ हो रहा है | पूज्य बापू स्व. श्री विश्वासरावजी देशमुख की पुण्य-स्मृति में सूखा-पीड़ित क्षेत्रों हेतु सूर्योदय परिवार द्वारा सबसे पहले १०० टंकियों वितरण किया गया| आपकी ही स्मृति में सूर्योदय स्वर्गारोहण योजना भी चलाई जा रही है | इसमें लावारिस मृत देहों का अन्तिम-संस्कार उनके धर्म की मान्यताओं के अनुसार किया जाता है, इस वर्ष इसका विस्तार म.प्र. तथा महाराष्ट्र के १० जिलों में किया गया |

एक आदर्श पिता ही आदर्श संतान को जन्म दे सकता है | बच्चे को जैविक रूप से जन्म देना ही पर्याप्त नहीं है | यदि संतान को योग्य संस्कार न दिए जाएं तो माता-पिता के कर्तव्यों का समग्र निर्वहन नहीं हो सकता | एक व्यक्ति पिता के रूप में आदर्श स्थापित करने हेतु प्रेरित हो, इस हेतु सूर्योदय परिवार द्वारा पूज्य बापू स्व. श्री विश्वासरावजी देशमुख की पुण्य-स्मृति में ‘आदर्श पिता पुरस्कार योजना’ प्रारम्भ की गई है |

मनुष्य को प्यास लगने पर वह इसे बुझाने हेतु कोई न कोई उपाय योजना निकाल लेता है; किन्तु मूक पशु कहाँ जाए ? किससे कहें ? उन्हें भी उनके अधिकार अनुसार जल उपलब्ध हो, इस हेतु सूर्योदय परिवार द्वारा विभिन्न स्थानों पर जीवदया अभियान के अन्तर्गत ५०० जल-कुण्डों (होदों) की स्थापना की गई |

भारत में किसानों की स्थिति अत्यन्त दारुण है | कई किसान आर्थिक रूप से इतने निर्धन हैं कि कृषि के लिए आधारभूत (बुनियादी) व्यवस्थाएं करने में भी असमर्थ हैं | यहाँ तक कि बीज की व्यवस्था कर पाना भी उनके लिए एक चुनौती है | जब किसान बीज की व्यवस्था करने के लिए भी साहूकारों के ऋण पर निर्भर हो तब तो स्थिति और भी दयनीय हो जाती है | सद्गुरु श्री भय्यूजी महाराज की प्रेरणा पूज्य बापू स्व. श्री विश्वासरावजी देशमुख की पुण्य-स्मृति में सूर्योदय परिवार द्वारा इस वर्ष ५००० किसानों को निःशुल्क बीज वितरण किया गया |

पूज्य बापू स्व. श्री विश्वासरावजी देशमुख की पुण्य-स्मृति में सूर्योदय भूमि सुधार योजना भी चलाई जा रही है | इसके अन्तर्गत भूमि का उपचार कर उससे कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उपज प्राप्त करने का प्रशिक्षण दिया जाता है | इस कार्यक्रम के अन्तर्गत मिट्टी के परीक्षण हेतु चलित प्रयोगशाला, रासायनिक खाद के बदले जैविक खाद, कम्पोस्ड खाद, कचरे का कम्पोस्ड खाद, वर्मी कम्पोस्ड, जीवाश्म कम्पोस्ड, दशपर्णी खाद, निम्बोली अर्क और पाउडर का कीटनाशक के रूप में उपयोग करने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है | इस हेतु वर्ष..........परली (महा.) के १२५ ग्रामों में तथा वाशिम ले १०० गांवों में सूर्योदय परिवार द्वारा भूमि सुधार अभियान चलाया जाएगा |

आज पर्यावरण का असंतुलन विश्व की प्रमुख समस्याओं में से एक है | लगभग पूरा विश्व ही पर्यावरण-प्रदूषण की समस्या से ग्रस्त है | यज्ञ इस समस्या का समाधान है तथा इससे प्राप्त लाभों को दृष्टिगत रखते हुए सूर्योदय परिवार नियमित रूप से पूज्य बापू स्व. श्री विश्वासरावजी देशमुख की पुण्य-स्मृति में राष्ट्र चेतना महापर्यावरण यज्ञ का आयोजन करता है, इसमें आज की आवश्यकता के अनुसार लकड़ी का नहीं अपितु गाय के गोबर के कंडों का प्रयोग किया जाता है | इन्हीं यज्ञों के पूर्णाहुति के रूप में सघन वृक्षारोपण भी किया जाता है, अब तक इनके माध्यम से २ लाख ६४ हज़ार ८५३ पौधों का रोपण किया जा चुका है, वर्ष...... २ लाख नए पौधे लगाने का लक्ष्य पूर्ण किया गया  |

सूर्योदय शीत ऋतु मानवता सेवा अभियान के अन्तर्गत कम्बल वितरण भी बड़े पैमाने पर किया गया अब तक....... लोगों को कम्बल वितरित किए जा चुके हैं|

भीषण गर्मी में प्यास से मरते निरीह पक्षियों के लिए पानी हेतु पूज्य बापू स्व. श्री विश्वासरावजी देशमुख की पुण्य-स्मृति में जीवदया अभियान के अन्तर्गत सकोरा वितरण कार्यक्रम को गति प्रदान की जाएगी | सूर्योदय परिवार द्वारा जीवदया अभियान के अन्तर्गत पंढरपुर, उस्मानाबाद तथा सोलापूर में २५००० सकोरों का वितरण सूर्योदय परिवार द्वारा किया गया | साथ ही पशुओं के पीने के पानी हेतु ५०० जल-कुण्डों (होदों) की स्थापना की गई | जल संधारण योजना के अन्तर्गत शुजालपुर (म.प्र.), जलगांव, उस्मानाबाद, बीड, सोलापूर तथा औरंगाबाद में १००-१०० तथा सातारा (महा.) में २०० नये तालाबों के निर्माण किया गया है. कन्यादान योजना के अन्तर्गत शुजालपुर में ५०० जोड़ों का, ठाणे में ५०० जोड़ो का तथा सातारा में १००० जोड़ों का विवाह निःशुल्क सम्पन्न कराया गया | इन्दौर में स्वास्थ्य शिविरों द्वारा २५००० रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सा, राष्ट्रचेतना पर्यावरण महायज्ञ के अन्तर्गत औरंगाबाद, उस्मानाबाद तथा सोलापूर में क्रमशः २५००० तथा २०००० तथा १५००० देव वृक्षों का वितरण, बीड में १५००० किसानों को निःशुल्क पशु खाद्यान्न वितरण तथा सातारा सूर्योदय हरिततीर्थ योजना में १०००० पौधों का रोपण किया गया |





 



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