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मानवता का महाकुम्भ - दुष्काल मुक्त मराठवाड़ा संकल्प 2016

तारीख : June 21, 2016 कुल देखें : 176

जिस स्थान विशेष पर, ग्रहों की विशेष स्थिति के अनुसार सन्तों का समागम होता है, उसे कुम्भ कहते हैं | किन्तु मराठवाडा में सद्गुरु श्री भय्यूजी महाराज के मार्गदर्शन में सूर्योदय परिवार द्वारा चलाए जा रहे सेवा-प्रकल्पों को, समाज तक पहुँचाने तथा उन्हें विस्तार देने के कार्यक्रम के समारोह को “मानवता का महाकुम्भ” नाम दिया गया है | “मानवता का महाकुम्भ” यह नाम सार्थक भी लगता है, क्योंकि जहाँ मानवता के हित में कार्य करने वालों का संगम एवं समागम हो, उसे कुम्भ कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी |

सद्गुरु श्री भय्यूजी महाराज के मार्गदर्शन में सूर्योदय परिवार विगत दो दशकों से समाज के विभिन्न उपेक्षित, वंचित, शोषित, पिछड़े वर्गों हेतु कई सेवा-प्रकल्प चला रहा है | इन्हीं सेवा प्रकल्पों के समाज में हुए सकारात्मक परिणामों तथा इनसे हुए परिवर्तन को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन रावजी भागवत ने इस “मानवता के महाकुम्भ” कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप आने की स्वीकृति दी है | उल्लेखनीय है कि संघ प्रमुख सामान्यतः इस तरह के आयोजन का में सम्मिलित होने की सहमति कम ही देते हैं किन्तु श्री भय्यू जी महाराज व उनके कार्यों को देखकर उन्होंने सहृदयता के साथ आने के लिए हाँ कहा है- और उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रत्येक धर्मगुरु अगर इसी तरह कार्य करने के \संकल्प ले ले तो हम हमारी सारी समस्याओं से बहुत जल्दी से उभर सकटे हैं  

सूर्योदय द्वारा समाज, राष्ट्र तथा मानवता के हित में किए जा रहे कार्यों से प्रभावित संघ प्रमुख अन्य संस्थाओं से भी इसी प्रकार के कार्य करने की प्रेरणा लेने की मंशा व्यक्त कर चुके हैं | सूर्योदय परिवार द्वारा वर्ष २०१६ में लिए सेवा संकल्पों की पूर्ति का समारोह “मानवता का महाकुम्भ” मराठवाडा के दुष्काल पीड़ित क्षेत्रों के लिए ‘संजीवनी’ औषधि समान कारगर होगा | चूँकि विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक संगठन के प्रमुख पदाधिकारी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हो रहे हैं और मराठवाडा इन दिनों मीडिया की सुर्ख़ियों में भी है; इसलिए सभी की नज़रे इस कार्यक्रम पर रहेंगी और इसका लाभ निश्चित रूप से यहाँ के किसानों को मिलेगा | अन्य संस्थाएं यहाँ कार्य करने को प्रेरित होंगी जिसके कारण क्षेत्र की स्थिति में तेज़ी से परिवर्तन आएगा |

सूर्योदय परिवार वैसे तो देश के कई भागों में अपने सेवा कार्यों के साथ सक्रिय है, लेकिन मराठवाडा के सूखा प्रभावित होने तथा यहाँ किसानों के बड़ी संख्या में आत्महत्या करने को मजबूर होने जैसी स्थितियों के निर्माण के कारण यहाँ संस्था ने विशेष ध्यान दिया है | इसके अन्तर्गत ज़मीनी स्तर पर कई कार्य किए गए और वे परिणामकारक भी सिद्ध हुए |

यह महत्त्वपूर्ण नहीं है कि कितना बड़ा और कितना अधिक कार्य किया जा रहा है, बल्कि यह बिन्दु मायने रखता है कि जिस भी संस्था द्वारा जो भी कार्य किया जा रहा है, वह समाज के अन्तिम व्यक्ति तक याने ज़रूरतमन्द व्यक्ति तक पहुँच पा रहा है या नहीं | इस दृष्टि से देखा जाए तो सूर्योदय परिवार और इसके प्रमुख सद्गुरु श्री भय्यूजी महाराज की दूरदृष्टि से किए जा रहे कार्य मराठवाडा में सचमुच नया ‘सूर्योदय’ लाने में सफल रहे हैं | 



जब कोई भूख से मर रहा हो तब उसे भूख मिटाने के तरीके सिखाने से अच्छा है कि उसे खाने को रोटी दी जाए | कुछ ऐसी ही कार्यप्रणाली से सूर्योदय परिवार के माध्यम से मराठवाडा के सूखा पीड़ित लोगों की ज़रूरतें समझते हुए उनके लिए कार्य किया गया है | हज़ारों किसानों को अनाज का वितरण तथा विशेष रूप से आत्महत्या कर चुके किसानों के परिवारों को राशन एवं धान्य वितरण करना, उनकी तात्कालिक आवश्यकता की पूर्ति कर उन्हें जीवन के संघर्ष में लड़ने की नई ताक़त प्रदान करेगा और उन परिवारों को किसी के साथ खड़े होने का संबल भी देगा | अल्प भूधारक किसानों को बीज वितरण भी सूर्योदय परिवार द्वारा किया जा रहा है | अच्छी गुणवता वाला यह उत्तम बीज, नई फसल की पैदावार में सहायक साबित होगा, जो किसान की एक बड़ी चिन्ता को दूर करने में सक्षम है, क्योंकि अच्छे बीज में प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है, इसलिए वह सामान्य रोगों तथा प्रतिकूल प्राकृतिक वातावरण का मुकाबला कर विकसित होने में सक्षम होता है | इस सामान्य लेकिन ज़रूरी क़दम को सूर्योदय परिवार ने उठाया है, जो खेती की तथा किसान की तकदीर बदल सकता है | किसानों के बच्चों को छात्रवृति तथा साईकिल वितरण भी उन्हें आर्थिक आधार देने में मदद करेगा | वहीं १ लाख वृद्ध किसानों एवं निर्धनों को ‘सूर्योदय आधार योजना’ अन्तर्गत स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने हेतु सूर्योदय हेल्थ कार्ड का वितरण, बुजुर्गों को मानसिक सहारा देने का कार्य कर ही रहा है | 

हौदों (जलकुण्डों) का सूखाग्रस्त क्षेत्र में पशुओं को पीने का पानी उपलब्ध कराने हेतु वितरण, सूर्योदय जल संधारण एवं संवर्धन योजना अन्तर्गत नालों का गहरीकरण एवं चौड़ीकरण, गाँवों में भूमि सुधार अभियान, ‘हायर एजुकेशन एट यूर डोर योजना’, चलित मृदा व जल परीक्षण प्रयोगशाला, शासकीय विद्यालयों में विज्ञान के विद्यार्थियों को रासायनिक प्रयोग करने हेतु ‘सूर्योदय विज्ञान रथ’ (चलित प्रयोगशाला), पारधी समाज, आत्महत्या कर चुके किसानों के बच्चों, बन्दियों तथा वारांगनाओं तथा नैसर्गिक आपदाग्रस्त परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने तथा उनके आवास के लिए सूर्योदय सम्मिश्र बालगृह (निवासीशाला) का लोकार्पण,गन्ना कटाई करने वाले कामगारों के बच्चों की शाला का लोकार्पण,  तृतीय पंथी पुनर्वसन प्रशिक्षण केन्द्र का लोकार्पण एवं सूर्योदय एच.आई.वी. बालगृह का भूमिपूजन तथा बन्दी पुनर्वसन योजना का लोकार्पण भी सूर्योदय परिवार द्वारा किया जा रहा है |

सूर्योदय परिवार ने किसानों जरूरतमन्द एवं अल्प भूधारक किसानों को बैलों की जोड़ी देने का कार्य भी किया है | अकाल से मनुष्य ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी बड़ी मात्रा में प्रभावित हुए हैं | किसी किसान की बैल जोड़ी का एक बैल यदि मर गया तो वह खेती किस प्रकार कर पाएगा ? पैसों के अभाव में उस किसान के लिए अन्य साधन जुटाना भी सरल नहीं है, ऐसे में उसे बैलों की जोड़ी मिलने पर उसे मिलने वाली ‘तसल्ली’ की कल्पना की ही जा सकती है | सूर्योदय परिवार ने मानवता की दृष्टि से यह ठोस पहल की है और ‘मानवता का महाकुम्भ’ ऐसे ही कामों को समाज को प्रेरित करने के लिए, समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनने जा रहा है | सूर्योदय परिवार के इस कार्यक्रम से अन्य सभी संस्थाओं को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, क्योंकि पानी तथा नैसर्गिक आपदा के अकाल से निपटाना तो सरल है, लेकिन मानवीय संवेदना के अकाल से निपटना एक बड़ी चुनौती है | ‘मानवता का महाकुम्भ’ इस चुनौती से सामना करने में एक मील का पत्थर साबित होगा, यह उम्मीद तो की ही जा सकती है | 

 



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