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“विश्व तम्बाकू निषेध दिवस”

तारीख : May 31, 2017 कुल देखें : 51

आज “विश्व तम्बाकू निषेध दिवस” है, सूर्योदय परिवार की ओर से यह अनुरोध है की धूम्रपान त्यागने का संकल्प ले..



पूरे विश्व के लोगों को तम्बाकू जैसे जानलेवा पदार्थो से दूर रखने के उद्देश्य से पूरे विश्व में 31 मई “विश्व तम्बाकू निषेध दिवस” के रूप में मनाया जाता है.. 

तम्बाकू एक ऐसा धीमा जहर है जो सेवन करने के बाद व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत के मुंह में लेकर जाता है, लोग जाने अनजाने में, दिखावे में, शौक में सेवन प्रारंभ कर देते है पर बाद में यही शौक मजबूरी में बदल जाते है और व्यक्ति इनके आदि हो जाते है ...

जिन घरों में धूम्रपान होता है, उस घर के बच्चे न चाहते हुए भी धूम्रपान का शिकार हो जाते है .... आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की एक व्यस्क 1 मिनट में 16 बार सांस लेते है ,पर वहीँ बच्चो में यह गति अधिक होती है , बच्चे 1 मिनट में 20या कभी इससे भी अधिक बार सांस लेते है , इससे यह साफ़ है की जिन घरों में धूम्रपान का धूआँ उठता है ,वहां के बच्चो का शरीरिक एवं मानसिक विकास ज़हरीले धुंए का शिकार हो जाता है . 

धूम्रपान के कई प्रकार है – बीडी, सिगरेट , तम्बाकू आदि ... भारत में तम्बाकू का ज्यादा उपयोग गरीब एवं कम शिक्षित व्यक्ति द्वारा किया जाता है , पर शिक्षित एवं उच्च वर्ग भी धूम्रपान का बहुत बड़े स्तर पर शिकार है ...

युवा एवं शिक्षित वर्ग बेचैनी दूर करने का सहारा तम्बाकू को बनाते हैं ..फिर नशे की गिरफ्त में आकर अपनी अनमोल जिंदगी काल के हाथ में सौप देते हैं ..

यह जानना बहुत आवश्यक है, कि देश में हर साल धूम्रपान के 11लाख नए मरीज पैदा हो रहे है . एम्स के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ आलोक ठक्कर को कहते सुना था की तम्बाकू सेवन करने वाले 80% लोगों में कैंसर होने की संभावनाएं है , जबकि हर साल लगभग 40 हजार लोगों की कैंसर से मौत होती है, और यह आंकड़ा प्रत्येक वर्ष बढता जा रहा है ....

चिकित्सीय पत्रिका “द लैनसैट” में प्रकाशित ग्लोबल बर्डन ऑफ़ डिजीज, के अनुसार वर्ष 2015 में विश्व में हुई 64लाख लोगों की मौत में 11 फीसदी से अधिक लोगों की मौत का कारण धूम्रपान था और इनमे से 52.2 फीसदी लोगों की मौत चीन, भारत,अमेरिका और रूस में हुई है ..

भारत में सरकार ने धूम्रपान रोकने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाये हैं ..जिसमें सार्वजानिक स्थलों पर धूम्रपान पुरे देश में प्रतिबंधित है .. पर अभी तक अक्षरसः पालन कहीं हो पाया हैं .

नशा करके आप अपने परिवार और बच्चों को धोखा देतें है ..नशा आपके दृढ़ निश्चय से छूट सकता है ..धूम्रपान छोड़ने की शुरुआत आज और इस्सी पल से लागू होनी चाहिए ...ज्यादातर लोग ज़िन्दगी भर नशा करतें हैं और सिर्फ इसलिए नहीं छोड़ पाते क्योंकि नशा छोड़ना कल पर डाल देतें है और फिर वो कल कभी नहीं आ पाता ...

धुम्रपान छोड़ना शायद आसान न हो पर इसके त्याग से बेचैनी, अनिद्रा और मानसिक तनाव से धीरे धीरे आप मुक्त होंगे ..

नशा छोड़ने के कई तरीके हैं , लेकिन हर तरीके में आपको दृढ़ संकल्प और संयम की आवश्यकता हैं ..



#WorldNoTobaccoDay



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