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एक छोटा सा बदलाव 22-02-2016

एक छोटा सा बदलाव 



मित्रों, जिन्दगी में बहुत सारे अवसर ऐसे आते हैं जब हम विषम परिस्थितियों का सामना कर रहे होते  हैं और सोचते हैं कि क्या किया जा सकता है, क्योंकि इतनी जल्दी तो सब कुछ बदलना संभव नहीं है और क्या पता मेरा ये छोटा सा बदलाव कुछ क्रांति लेकर आएगा या नहीं। पर सच नहीं -- हर चीज़ या बदलाव की शुरुआत बहुत ही साधारण ढंग से होती है | कई बार तो सफलता हमसे बस थोड़े ही कदम दूर होती है कि हम हार मान लेते हैं।  जबकि अपनी क्षमताओं पर भरोसा रख कर किया जाने वाला कोई भी बदलाव छोटा नहीं होता और वो हमारी जिन्दगी में एक नीव का पत्थर भी साबित हो सकता है |



तो चलिए आज मैं आपको बताता हूँ कि आपका एक छोटा सा प्रयास किस तरह किसी के जीवन में बदलाव ला सकता है।  कहानी कुछ इस तरह है -- 

एक बालक सुबह सुबह दौड़ने को जाया करता था | आते-जाते वो एक बूढी महिला को देखता था, जो तालाब के किनारे छोटे छोटे कछुवों की पीठ को साफ़ किया करती थी | एक दिन उसने इसके पीछे का कारण जानने की सोची | 



वो बालक उस बूढी महिला के पास गया और उनका अभिवादन कर बोला ” नमस्ते आंटी ! मैं आपको हमेशा इन कछुवों की पीठ को साफ़ करते हुए देखता हूँ आप ऐसा किस वजह से करते हो ?”  महिला ने उस मासूम से बालक को देखा और  कहने लगी -- ” मैं हर रविवार यंहा आती हूँ और इन छोटे छोटे कछुवों की पीठ साफ़ करते हुए सुख शांति का अनुभव लेती हूँ |”  क्योंकि इनकी पीठ पर जो कवच होता है उस पर कचता जमा हो जाने की वजह से इनकी गर्मी पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है इसलिए ये कछुवे तैरने में मुश्किल का सामना करते हैं | कुछ समय बाद तक अगर ऐसा ही रहे तो ये कवच भी कमजोर हो जाते हैं इसलिए कवच को साफ़ करती हूँ |



यह सुनकर बालक बड़ा हैरान था | उसने फिर एक जाना पहचाना सा सवाल किया और बोला “बेशक आप बहुत अच्छा काम कर रही हैं  लेकिन फिर भी आंटी एक बात सोचिये कि इन जैसे कितने कछुवे हैं जो इनसे भी बुरी हालत में हैं जबकि आप सभी के लिए ये नहीं कर सकती तो उनका क्या क्योंकि आपके अकेले के बदलने से तो कोई बड़ा बदलाव नहीं आयेगा न |



बूढी महिला ने बालक के जिज्ञासा का बड़ा ही संक्षिप्त लेकिन मार्मिक जवाब देते हुए कहा  कि भले ही  उसके इस कर्म से दुनिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आयेगा लेकिन सोचो इस एक कछुवे की जिन्दगी में तो बदलाव आयेगा ही न | मित्रों, इस कथा का सारांश यह है कि हमारा छोटा से छोटा प्रयास किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है तो इसकी पुनीत कार्य की शुरुआत हम आज से क्यों ना करें  |


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