श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

प्रेस विज्ञप्ति

भय्यूजी महाराज के ट्रस्ट ने आत्महत्याग्रस्त किसान परिवार के 4 अनाथ बच्चों को गोद लिया 18-03-2016

राष्ट्र संत भय्यूजी महाराज पीड़ित किसानों, अनाथ बच्चों के तारणहार बने

उस्मानाबाद:  राष्ट्र संत श्री भय्यूजी महाराज प्रणीत श्री धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के तुलजापुर तहसील में स्थित बोलेगावं के एक आत्महत्या ग्रस्त किसान परिवार के चार अनाथ बच्चों को गोद लिया गया है। इन सभी बच्चों जिनकी उम्र 2 से 8 साल के बीच है के सम्पूर्ण भरण पोषण, आवास, खाने एवं इनके शिक्षा का सम्पूर्ण खर्च ट्रस्ट द्वारा वहां किया जाएगा।  श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट के चेयरमैन श्री शरद आर पवार ने कहा कि सांगोला स्थित ‘सूर्योदय परिवार’ के आवासीय विद्यालय, भारतीय संस्कृति प्रसारक मण्डल द्वारा संचालित अनुसूचित जाति केन्द्रीय निवासी शाला (माध्य.) ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान मण्डल, सांगोला’ में  भर्ती किया गया है, जहाँ इनके निवास, खाने तथा शिक्षा की व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।
इन बच्चों के माता-पिता ने अभी हाल ही में क्षेत्र में लगातार सूखे एवं भुखमरी से त्रस्त होकर आत्महत्या कर लिया था, जिसके फलस्वरूप ये बच्चे अनाथ हो गए थे।  
पिछले दिनों एक दुखद घटनाक्रम के अन्तर्गत महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के तुलजापुर तहसील में स्थित बोलेगावं के एक किसान दम्पति अनुसूया कांबळे पति अंगद कांबळे ने सूखे से हुए खेती के नुकसान को नहीं सह पाने के कारण आत्महत्या कर ली थी | श्री पवार ने कहा कि मात्र दो एकड़ की खेती और तीन वर्षों तक सतत् पड़े अकाल के कारण न उनके घर में अन्न था, न उनके पास रोज़गार का कोई अन्य साधन, उस पर चार छोटे- छोटे बच्चों के पालन-पोषण की ज़िम्मेदारी। स्थिति इतनी भयावह थी कि आत्महत्या से पूर्व अनुसूया ने तीन दिन, अन्न के अभाव में, अन्न का एक दाना भी मुंह में नहीं डाला और बच्चों की दयनीय हालत देखकर, उनके भविष्य की चिन्ता से आशंकित हो, अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह कर लिया | अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई | पत्नी वियोग तथा चार बच्चों की चिन्ता से अंगद भी टूट गया और ये सदमा वह भी नहीं सह सका और पत्नी की मृत्यु के ग्यारह दिनों पश्चात् अंगद ने भी अक्कलकोट के बस स्टैंड पर ज़हर खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करली |
कांबळे दम्पति के चार बच्चे – कु. पल्लवी (8 वर्ष), कु. अदिति (६ वर्ष) ये दोनों क्रमशः तीसरी तथा पहली कक्षा में पढ़ती हैं और इनके दो छोटे भाई सोहम (४ वर्ष- आंगनबाड़ी) तथा रौनक (२ वर्ष) हैं | इस दुखद घटना की सुचना प्राप्त होते ही सद्गुरु श्री भय्यूजी महाराज ने त्वरित क़दम उठाते हुए कैलाश चिनगुंडे के माध्यम से उन बच्चों के सम्बन्धियों से संपर्क साधा | उन्होंने अपने ट्रस्ट तथा ‘सूर्योदय परिवार’ के माध्यम से उन चारों बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा तथा पुनर्वसन का दायित्व लेने की इच्छा जताई | श्री पवार ने कहा कि सम्बन्धियों से सहमति मिलने के बाद इन सभी बच्चों के भरण पोषण एवं शिक्षा की व्यवस्था सांगोला स्थित ‘सूर्योदय परिवार’ के आवासीय विद्यालय, भारतीय संस्कृति प्रसारक मण्डल द्वारा संचालित अनुसूचित जाति केन्द्रीय निवासी शाला (माध्य.) ‘भारतीय संस्कृति ज्ञान मण्डल, सांगोला’ में की गई है |

© 2017 All Right Reserved