श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

प्रेस विज्ञप्ति

सूर्योदय परिवार द्वारा एक दिन में साधू सहित 6 लावारिश शवों का अंतिम संस्कार किया गया   24-05-2016

भय्यूजी महाराज के ट्रस्ट द्वारा अब तक 521 लावारिश मृत देहों की अंत्येष्टि संपन्न 
 
इंदौर : आध्यात्मिक गुरु श्री भय्यूजी महाराज प्रणीत श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट द्वारा चलाये जा रहे 'शवदाह योजना' के अंतर्गत सोमवार को एक ही दिन में एक साधू सहित 6 लावारिश मृत देहों का अंतिम संस्कार किया गया। जिन मृत शरीरों को अंतिम संस्कार किया गया उनमें एक की पहचान साधू  राधानंद (56 ), पिता रामदेव के रूप में की गई है, जिनका अभी हालिया मुकाम गरीबदास कुम्भ शिविर कैंप, भेरूगढ़ उज्जैन था। अन्य लावारिश शवों में एक की पहचान संतोष (35) पिता दयाराम, निवासी- मुल्लापुरा उज्जैन, रमेश (56) एवं मानसिंह (53) पिता उमरावसिंह के रूप में की गई है। बाकि के दो शवों जिनकी उम्र 50 वर्ष और 55 वर्ष आंकी गई, की पहचान उनके अंतिम संस्कार होने तक नहीं हो पाई। 

कल इन सभी लावारिश लाशों की सुचना एम वाई एच चौकी के सयोगितागंज थाना के सब इंस्पेक्टर जयराम पाटीदार एवं प्रधान आरक्षक चन्दर सिंह पवार द्वारा बापट चौराहा स्थित 'सूर्योदय आश्रम' के श्री अनिल परदेसी को दी गई। सुचना मिलने के पश्चात सूर्योदय परिवार के विक्रम सुनहरे द्वारा वैधानिक कार्रवाई के बाद इन सभी लाशों का अंतिम संस्कार रामबाग मुक्तिधाम पर पंडितों की उपस्थिति में पूर्ण धार्मिक एवं वैदिक पद्धति से संपन्न किया गया। 

इन 6 अज्ञात लाशों संस्कार के  साथ ही श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट द्वारा `सूर्योदय शवदाह योजना' के अंतर्गत अब तक कुल 521 अज्ञात एवं लावारिस मृत देहों की अंत्येष्टि की जा चुकी है। 

श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री तुषार पाटिल ने कहा कि आध्यात्मिक संत श्री भय्यूजी महाराज की प्रेरणा से ट्रस्ट द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों में, 'शवदाह योजना' की शुरुआत लावारिस एवं अज्ञात मृत देहों का अंतिम संस्कार पूर्ण धार्मिक एवं वैदिक पद्धति से करने के उद्देश्य से की गई है, जिसका मूल उद्देश्य है इन अज्ञात दिवंगत आत्माओं को इनके परिजनों एवं स्वजनों की अनुपस्थिति में उनके अकाल या स्वाभाविक मृत्यु होने के पश्चात  सदगति प्रदान करना।  

श्री पाटिल ने कहा कि योजना के अंतर्गत जब कभी ट्रस्ट के सेवाधारियों को पुलिस एवं अन्य स्त्रोतों से लावारिस लाशों से सम्बंधित सूचनाएं प्राप्त होती हैं, वे पूर्ण तत्परता के साथ वैधानिक कार्यों को पूर्ण करते हुए, मृत शरीरों को प्राप्त कर उनका अंतिम संस्कार स्थानीय शवदाह गृहों में धार्मिक पद्धति से संपन्न कर, उनके अस्थियों को नदियों में विसर्जन भी करते हैं।

सादर प्रकाशनार्थ। 

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