श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

सूर्योदय भूमि सुधार अभियान

सन : 01-12-2005 स्थान : मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र


मूल भावना – सतत् कार्यशीलता व श्रम के फलस्वरूप उत्पादकता में भी वृद्धि होती है | हमारे देश में किसानों के अथक प्रयासों के कारण समय के साथ अन्न व खाद्य वस्तुओं का उत्पादन निःसंदेह बेहतर गति से बढा हैं, परन्तु अगर हम आज के उत्पादन की गुणवत्ता आज से ५० वर्ष पूर्व के खाद्यानों की गुणवत्ता से करें तो हम गुणवत्ता का स्तर काफी गिरता हुआ पाएंगे | इसका प्रमुख कारण रासायनिक खाद व दवाइयों का अत्यधिक व असंतुलित रूप से किया गया उपयोग है | रासायनिक खादों से होने वाले दुष्परिणाम किसी के लिए भी अनजाने नहीं है | रासायनिक खाद न केवल फसलों व भूमि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत हानिकारक हैं | सदगुरु श्री भैय्युजी महाराज की प्रेरणा से किसानों को इसी दिशा में जागरूक करने के उद्देश्य से इस अभियान का शुभारम्भ किया गया ।

संकल्प – सूर्योदय परिवार द्वारा इस योजनान्तर्गत किसानों को कृषि व ग्रामीण जीवन संबंधी मार्गदर्शन देकर उनकी कृषि भूमि की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया ।

हमारे प्रयास – किसानों को उन्नत व समृद्ध बनाने के लिए सूर्योदय परिवार द्वारा महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों में यह अभियान चलाया गया, जहाँ उन्हें कृषि व भूमि सुधर संबंधी मार्गदर्शन दिया गया ।

चुनौतियाँ- इस योजना का उद्देश्य व चुनौती दोनों एक-दूसरे से सीधे तौर पर संबंधित हैं | किसानों को रासायनिक खाद व दवाइयों के दुष्परिणामों से सावधान कर भूमि की उर्वरा शक्ति में सुधार लाना इस अभियान का उद्देश्य है और साथ ही किसानों के बढते रासायनिक खाद व दवाइयों के उपयोग तथा रासायनिक खाद को एकमात्र साधन मानने की मानसिकता ही सबसे बड़ी चुनौती है | जैसे-जैसे हम हमारे उद्देश्य को पाने में सफल होंगे ये चुनौती स्वतः ख़त्म हो जाएगी ।

परिणाम एवं सार्थकता – सूर्योदय भूमि सुधार अभियान के अंतर्गत किसानों की कृषि भूमि के सुधार के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किये गए | जिसमें चलित कृषि तीर्थ सेवा के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं व वास्तविक स्थिति को समझकर उनका निराकरण किया गया | जिसमें कृषि अधिकारियों, वैज्ञानिकों, व कृषि विशेषज्ञों द्वारा संगोष्ठी भी आयोजित की गई | यह कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है |

उपलब्धियाँ – इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि इसका उद्देश्य सबसे मूल समस्या का उन्मूलन करना है | भूमि की गिरती हुई उर्वरा शक्ति के सबसे बड़े कारण विभिन्न रासायनिक खाद व दवाइयां हैं और इन्ही के दुष्परिणामों के बारे में किसानों को अवगत करवाया गया है और बहुत हद तक किसानों तक हम यह बात पहुचाने में सफल रहे हैं कि ये रासायनिक संसाधन भूमि की उर्वरा शक्ति को नष्ट कर रहे हैं और अगर हमें हमारी भूमि की स्थिति में सुधार लाना है तो प्राकृतिक व जैविक साधनों को उपयोग करना होगा |

आकड़े – कृषकों को उन्नत एवं समृद्ध बनाने के लिए ट्रस्ट द्वारा अकोला जिले के बर्शिटाकली में १२४ एवं अकोला, अमरावती जिले के १२ गांवों में यह अभियान चलाया गया | चलित कृषि तीर्थ सेवा के माध्यम से २२४ कृषकों की समस्या सुनकर निराकरण किया गया | कृषि अधिकारी एवं विशेषज्ञों द्वारा कृषि पर संगोष्ठी चर्चा | संस्था द्वारा जलगाँव जिले के २०० ग्रामों में किसानों को जानकारी दी गई एवं वर्ष २०१४ वाशिम जिले के मानोरा के १०० गावों में अभियान चलाया गया एवं वर्ष २०१५ वाशिम जिले की ३ तहसीलों के १०० गांवों में अभियान चलाया गया |

अभियान से जुड़े – “सूर्योदय परिवार” द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से हर वर्ग एवं आयु के लोग जुड़ सकते है | यदि आप इस अभियान से जुड़ना चाहते है तो आप नीचे दिए गए नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं:



सम्पर्क सूत्र - 7722992266 - 8



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