श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

बंदियों के बच्चों को छात्रवृत्ति

सन : 30-04-2009 स्थान : मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र


मूल भावना – भारतीय संस्कृति के अनुसार हमें यह सिखाया गया है कि घृणा अपराधी से नहीं अपितु अपराध से करना चाहिए | विविधताओं से भरे इस जीवन में जाने-अनजाने में के आम व्यक्ति अपराधी बन जाता है | हमारे देश का कानून उस अपराधी के लिए उचित दंड तय करता है, जिसमें कई बार अपराधियों को सुधारने के उद्देश्य से उन्हें कारावास में रहने का आदेश दिया जाता है | कारागृह में बंद हर अपराधी अपने पीछे अपना परिवार, बच्चे, माता-पिता, सगे-सबंधियों को छोड़ जाता है और वह अपराधी अपने परिवार का पालन-पोषण करने में असमर्थ हो जाता है | ऐसी स्थिति में उनके परिवार आर्थिक संकट, बदहाली व उपेक्षा के शिकार हो जाते हैं और उन परिवारों के सदस्यों व बच्चों का जीवन दुरूह हो जाता है | बहुत संभव है कि वे भी अपराध की मानसिकता से घिरने लगे | ऐसे में उन परिवारों को हमारे सहयोग व संबल की आवश्यकता होती है | सदगुरु श्री भैय्युजी महाराज की प्रेरणा से सूर्योदय परिवार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बंदियों के बच्चों की उचित शिक्षा व्यवश्ता करने के लिए इस योजना का शुभारंभ किया है |

संकल्प – बन्दियो के बच्चों को जो मूलभूत शिक्षा व सुविधाओं से बंचित हैं, उनकी शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना ही इस योजना का संकल्प है |
हमारे प्रयास – वर्ष २००७ में बंदियों के बच्चों के लिए छात्रवृति योजना का शुरू की गई, जिसमें बच्चों को छात्रवृति प्रदान की जाती है |

चुनौतियाँ – सूर्योदय परिवार अपने इस प्रयास में इस बात का विशेष ध्यान रखता है कि वे अपराधियों के बच्चों को समाज में उचित स्थान दिलवा सके | उन बच्चों के प्रति समाज की दृष्टि सदा ही पूर्वाग्रह से ग्रसित रहती है | यही मानसिकता हमारी इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती है, जिनके लिए सूर्योदय परिवार हर संभव प्रयास करता है |

परिणाम एवं सार्थकता – १० अगस्त २००९ से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में इस योजना की विधिवत शुरुआत हुई, जिसमें नकद छात्रवृति के साथ अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया जाता है, ताकि एक सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके |

उपलब्धियाँ – सूर्योदय परिवार बंदियों के पुर्नवसन का कार्य भी करता आय है, लेकिन इसके साथ ही जो वर्तमान में भी कारावास में बंद हैं, उनके परिवार का सहारा बनना ही एक उपलब्धि के समान है | हम हर संभव प्रयास करते हैं, कि बंदियों के बच्चों की शिक्षा एवं अन्य जरूरतों को पूरा करने में सफल हो चुके है |

आकड़े – इस योजना के अंतर्गत ४,३२१ बच्चों को छात्रवृति व अन्य सामग्री वितरित की गई है |

अभियान से जुड़े – – “सूर्योदय परिवार” द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से हर वर्ग एवं आयु के लोग जुड़ सकते है | यदि आप इस अभियान से जुड़ना चाहते है तो आप नीचे दिए गए नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं:


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