श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

सूर्योदय समृद्ध ग्राम योजना

सन : 01-06-2008 स्थान : ग्राम कपिलेश्वर जिला अकोला महाराष्ट्र


मूल भावना – ग्रामों का विकास ही देश का विकास है | यही देश की अर्थव्यवस्था सुद्रढ़ बनाना है तो ग्रामों का विकास आवश्यक है | हमारे देश की ७०% जनसंख्या आज भी ग्रामों में बसती है | विकास धारा ग्रामों तक पूर्ण रूप से न पहुचने के कारण ग्रामवासी आज भी अनेक सुविधाओं से वंचित है | समय-समय पर होने वाली प्राकृतिक आपदाओं, सुविधाओं का आभाव होने के कारण ग्रामवासी अपनी पैतृक भूमि बेचकर शहर की ओर पलायन करते है | शहर में ग्रामवासी मेहनत मजदूरी करते है, दर-दर भटकते है | शहर में अमीर और गरीब की खाई बढती जा रही है | प्रतिव्यक्ति आमदनी कम हो रही है | यदि ग्रामों में पर्याप्त सुविधाएँ प्राप्त होगी तो ग्रामवासी अपनी पैतृक उद्योगों के प्रति उत्साहित रहेंगे | ग्रामों से प्रति व्यक्ति आय भी बढेगी | सदगुरु श्री भैय्युजी महाराज के विचारानुसार गावों की सम्रद्धि आवश्यक है |

संकल्प – ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करना एवं २०४० तक मॉडल व्हिलेज के रूप में स्थापित कारण ही इस योजना का संकल्प है |

हमारे प्रयास – सूर्योदय परिवार विभिन्न कार्यकमों के माध्यमों से विभिन्न ग्रामीणों व किसानों की सहायता करता आया है, जिसके अंतर्गत उनके सामान्य जीवन में आने वाली समस्याओं जैसे कृषि के लिए बीज आर्थिक सहायता खाद व दवाइयां, जल, फसल, बीमा आदि का निराकरण किया जाता है |
चुनौतियाँ – इस योजना की सबसे बड़ी चुनौती ग्रामीण जन मानस में यह विचार पल्लवित करना था, जिसमे वे अपनी महत्ता को समझ सके | उन्हें यह बात समझाना थी कि वे इस देश की अर्थव्यवस्था का महत्त्वपूर्ण स्तम्भ है |

परिणाम एवं सार्थकता – सूर्योदय परिवार द्वारा विभिन्न योजनाओं का समग्र क्रियान्वयन द्वारा किसानों व खेती के उत्थान के लिए प्रयास किए गए है | पूर्व में जहाँ एक एकड़ की भूमि पर दो क्विंटल अनाज का उत्पादन होता था, वही आज उत्पादन क्षमता दस क्विंटल हो गई है | ग्रामीण क्षेत्रों में एक सकारात्मक विचारधारा विकसित हुई है, जिसके तहत वे आधुनिक एवं पारम्परिक तरीकों से खेती व खेती से जुड़े अन्य कार्य सफलतापूर्वक कर रहे है |

उपलब्धियाँ – एक ग्राम में लोग आए दिन संघर्षों में रहते थे, इन्हें इससे मुक्त करवाया गया | इस ग्राम को तनटामुक्त करवाया | पहले ग्राम में एक किसान की फसल एक एकड़ पर दो क्विंटल होती थी अब वही दस क्विंटल होने लगी है | ग्राम की माता बहिनों द्वारा बचत राशि के माध्यम से दालमिल निर्माण कर उस दालमिल के माध्यम से प्रत्येक परिवार से एक क्विंटल दाल की सहायता बालगृह के बच्चों के लिए की गई है | श्रम दान जल संधारण एवं संवर्धन से छोटे बाँध बनाये गए | श्रम दान और आदर्श ग्राम से एक संस्कृतिक भवन का निर्माण किया गया | वाचनालय, व्यायामशाला की स्थापना की गई | ग्राम स्वछता के लिए प्रभातफेरी निकाली जाती है | ग्राम के सात कि.मी.के आस पास १००० वृक्षों का रोपण किया गया | साथ ही डेयरी, भारत माता मंदिर और सौर उर्जा सयंत्र का निर्माण कार्य भी चल रहा है |

आकड़े – इस योजना के अंतर्गत २ एकड़ में २ क्विंटल अनाज उत्पन्न करने वाली भूमि की उत्पादन क्षमता १० क्विंटल तक बड़ी है | तथा गाँवों में ७ कि.मी. के आस-पास के क्षेत्रों में लगभग १००० वृक्षो का रोपण भी किया गया है | इसके साथ डेयरी योजना, भारतमाता मंदिर व सौर उर्जा सैयंत्र निर्माण का कार्य भी चल रहा है |

अभियान से जुड़े – “सूर्योदय परिवार” द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से हर वर्ग एवं आयु के लोग जुड़ सकते है | यदि आप इस अभियान से जुड़ना चाहते है तो आप नीचे दिए गए नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं:


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