श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

अनुसूचित जाति केंद्रीय निवासी शाला, संगोला

सन : 24-01-2009 स्थान : सांगोला, जि. सोलापुर (महाराष्ट्र)


मूल भावना – किसी भी देश को सुखी व सम्रद्ध बनाने में शिक्षा सर्वाधिक महत्तवपूर्ण भूमिका निभाती है | पारिवारिक विवशताए, आर्थिक समस्याएं, स्वास्थ्यगत समस्याएं व अन्य किसी भी प्रकार की समस्या किसी भी व्यक्ति विशेषकर बच्चों को शिक्षा से वंचित रखती है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है | ऐसे ही बच्चों की शिक्षा एवं भविष्य सुनिश्चित करने की भावना के साथ सूर्योदय परिवार ने सदगुरु श्री भैय्युजी महाराज की प्रेरणा से अनुसूचित जाति जनजाति आदिवासी व निर्धन बस्तियों के बच्चों के लिए इस विद्यालय की स्थापना की है | विभिन्न जनजातियों के बच्चों को भी इस स्तरीय शिक्षा, जिसमें आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति का भी समावेश हो, प्राप्त करने का पूरा अधिकार है | 

संकल्प – यह प्रकल्प मूलतः अनुसूचित जातियों, जनजातियों के उन बच्चों के लिए है, जो किसी न किसी व्यवस्था के चलते शिक्षा से वंचित है | सूर्योदय परिवार इन बच्चों की शिक्षा एवं चहुमुखी विकास के लिए संकल्पित है ।

हमारे प्रयास – प. पू. सदगुरु श्री भैय्युजी की प्रेरणा से सूर्योदय परिवार द्वारा वर्ष २००९ अनुसूचित जाति केन्द्रीय निवासी शाला (माध्यमिक), सांगोला, जि. सोलापुर (महा.) की स्थापना की गई, जहाँ निर्धन एवं अनुसूचित जाति जनजाति के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान की जाती है, जिसमे आधुनिकता के साथ साथ भारतीय संस्कृति की मूल भावनाओं का भी विशेष ध्यान रखा जाता है | विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ सांस्क्रतिक कला, चित्रकला आदि के विकास के लिए १० एकड़ जमीन पर चित्रकला, संगीत, खेल, आध्यात्म, औद्योगिकी की शिक्षा के लिए विशेष क्षेत्र, व्यायाम शाला, खेल का मैदान, सामुदायिक सभाग्रह, सांस्कृतिक सभागृह, परायण हाल, प्रवचन हाल, ध्यान कक्ष, छात्रावास, भोजन कक्ष, कंप्यूटर लेब, विज्ञान प्रयोगशाला, रिकॉर्ड रूम, स्टोर रूम, लाकर रूम, वृधाश्रम, अनाथाश्रम, गौशाला, हनुमान मंदिर, शनि मंदिर, गुरुकुटी, भारत माता मूर्ति स्थापना व दत्त मंदिर का निर्माण कार्य जारी है ।

चुनौतियाँ – इस योजना को स्थापित करने हेतु प्रयास किये जा रहे है, सौभाग्यवश कुछ आर्थिक समस्याओं को छोड़कर सूर्योदय परिवार को किसी भी चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा | हम ईश्वर से यही प्रार्थना करते है, कि हमारा उत्साह एवं संकल्प कभी प्रभावित न हो |

परिणाम एवं सार्थकता – अनुसूचित जाति व जनजाति के बच्चों के लिए सांगोला जिला सोलापुर (महा.) में अनुसूचित जाति जनजाति केंद्रीय निवासी शाला (उच्च्माध्यमिक) की स्थापना की गई है, जिसमे विद्यार्थियों को आधुनिक व भारतीय संस्कृति की मूलभूत व सैधान्तिक शिक्षा प्रदान की जा रही है | 

उपलब्धियाँ – सूर्योदय परिवार द्वारा स्थापित सांगोला शाला में ५ वी से १० वी तक के बच्चों के लिए शिक्षा भोजन एवं आवास की वयवस्था की गई है, जिसमे बच्चें सकारात्मक वातावरण में स्कूली शिक्षा व नैतिक शिक्षा ग्रहण कर रहे है ।

आकड़े – वर्तमान में सांगोला शाला में १५० बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे है ।

अभियान से जुड़े – “सूर्योदय परिवार” द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से हर वर्ग एवं आयु के लोग जुड़ सकते है | यदि आप इस अभियान से जुड़ना चाहते है तो आप नीचे दिए गए नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं: 



सम्पर्क सूत्र - 7722992266 - 9



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