श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

राष्ट्र चेतना महा पर्यावरण यज्ञ

सन : 02-08-2001 स्थान : मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र


मूल भावना – विश्व के प्रत्येक देश पर्यावरण की समस्या से आहत है | प्राकृतिक असंतुलन सभी देशों में चल रहा है | इस समस्या के कारण प्रतिवर्ष लाखों करोड़ों रुपयों का नुकसान एवं जन हानि होती है | प्राकृतिक संतुलन बनाये रखने के लिए हमारे वेदों में यज्ञ को महत्तव दिया गया था | यज्ञ करना मनुष्य के लिए अनिवार्य है | इस परम्परा का निर्वाह करते हुए परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन करना चाहिए | यज्ञ के लिए लकड़ियों का प्रयोग होता है | पर आज वृक्ष संवर्धन एवं वन संवर्धन की आवश्यकता होने से यज्ञ में आग्नि प्रज्जवलित करने के लिए केवल गाय के गोबर के कंडों का उपयोग करना होगा | परम पूज्य गुरुदेव के इसी उद्देश्य को बनाए रखकर राष्ट्र चेतना महा पर्यावरण यज्ञ प्रारंभ किया गया | 

संकल्प – वर्तमान में बढती ग्लोबल बर्मिग के प्रभाव को कम करने एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण के निर्माण के लिए संकल्पित है |

हमारे प्रयास – राष्ट्र चेतना महा पर्यावरण यज्ञ प्रतिवर्ष एक आयोजन के रूप में संपन्न किया जाता है | जिसके अंतर्गत प्राकृतिक समिधा के द्वारा यज्ञ में आहुति अर्पित की जाती है, साथ ही वृक्षारोपण का संकल्प लिया जाता है | प्रतिवर्ष यह कार्यक्रम जारी रहता है, जिसमे महा पर्यावरण यज्ञ का आयोजन मूलतः वृक्षारोपण के उद्देश्य से किया जाता है | जहाँ यज्ञ मानसिक व आत्मिक शांति प्रदान करता है, वही एक पौधे का रोपण आत्मिक शांति से साथ-साथ हमारी संवेदनों को भी मुकर करता हैं | 

चुनौतियाँ – राष्ट्र चेतना महा पर्यावरण यज्ञ उसी चेतना को जागृत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है जो चेतना पर्यावरण संरक्षण के प्रति असंवेदनशील हो चुकी है | यही असंवेदनशीलता इस अभियान की चुनौती है | 

परिणाम एवं सार्थकता – मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के विभिन्न गावों व शहरों में राष्ट्र चेतना महा पर्यावरण यज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमे अब तक लाखों संकल्प व आहुतियाँ इस नाम से अर्पित की गई है, कि हम आगामी भविष्य में हमारे देश को एक हरा भरा पर्यावरण देंगे | प्रकृति जो की मनुष्य की माता के समान होती है, यह यज्ञ उन्हीं के सम्मान में आयोजित किया जाता है | 

उपलब्धियाँ – इस यज्ञ के माध्यम से वृक्षारोपण के संकल्प के साथ-साथ पितरों, शहीदों, स्वात्रत्य वीरों, राष्ट्र पुरषों, महापुरषों की स्मृति में आहुतियाँ दी जाती है, जिसका मूल प्राय पर्यावरण के प्रति जागृत संवेदना है | जिसमे सभी जात-पात के बन्धनों से मुक्त होकर सकारात्मक और समंव्ययता से ओतप्रोत होकर भाग लेते है | 

आकड़े – अब तक ४४ राष्ट्र चेतना महा पर्यावरण यज्ञ आयोजित किये गए है, जिसके तहत २ लाख ६४ हजार ८५३ देव वृक्षों के पौधों का रोपण किया जा चुका है | 

अभियान से जुड़े – “सूर्योदय परिवार” द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से हर वर्ग एवं आयु के लोग जुड़ सकते है | यदि आप इस अभियान से जुड़ना चाहते है तो आप नीचे दिए गए नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं:



सम्पर्क सूत्र - 7722992266 - 7



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