श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

सूर्योदय विश्वनाथ शांति शोध प्रसार केंद्र

सन : 14-09-2007 स्थान : ग्राम निमकर्दा, जिला अकोला, महाराष्ट्र


मूल भावना – प्राचीन काल से ही हमारे यहाँ गुरुकुल आधारित शिक्षा व्यवस्था रही है | गुरुकुल में रहकर ही विद्यार्धी शिक्षा ग्रहण करते थे | तथा वहां दिए जाने वाले अनुशासन सम्बन्धी निर्देश व संस्कारों को आचरण में लाते थे | गुरु के सान्निध्य में ही हम सभी व्यवहार, वेदान्त, साहित्य, कला आदि का ज्ञान ग्रहण करते है | नाथ संप्रदाय ने सदा इस परम्परा को आगे बढाया है | भगवान दत्तात्रेय के आशीर्वाद से योग, ज्ञान, भक्ति के द्वारा समाज को आगे बढाया है | सदगुरु श्री भैय्युजी महाराज की प्रेरणा से महाराष्ट्र के अकोला जिले के निमकर्दा गावं में नाथ संप्रदाय के प्रचार-प्रसार हेतु विश्वनाथ शांति प्रसार केंद्र की स्थापना की गई है | इसका उद्देश्य लोगों में नाथ संप्रदाय के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना है | नाथ संप्रदाय का ज्ञान जन सामान्य को सहजता से प्रदान करना | नाथ सम्प्रदायों के शास्त्रों की जानकारी देना ही इस स्थान की स्थापना का मुख्य उद्देश्य है | यह स्थान शहर से दूर एक अत्यंत शुद्ध एवं पवित्र वातावरण में स्थित है | यहाँ पर वाचनालय, गुरुकुटी, भक्तनिवास, कार्य अन्नपूर्णा कक्ष तथा देवी देवताओं के मंदिर है | 

भोजन एवं निवास की भी सुविधा है | यहाँ व्यक्ति आध्यात्मिक उर्जा ग्रहण करता है | जिससे उसे सामाजिक कार्य करने के लिए प्रेरणा मिलती है | 


संकल्प – ऋषियों के ज्ञान एवं संस्कृति का प्रचार-प्रसार, पूर्ण अध्यात्मिक वातावरण निर्माण, जहाँ व्यक्ति सहजता से ध्यान साधना, आराधना, उपासना कर सके | 

हमारे प्रयास – महाराष्ट्र के जिले में निमकर्दा गांव में विश्वनाथ शांति शोध प्रसार केंद्र का कार्य प्रगति पर है | यहाँ वर्तमान में वाचनालय, गुरुकुटी, भक्त निवास, अन्नपूर्णा एवं देवी-देवताओं के मंदिर है | 

परिणाम एवं सार्थकता – वैदिक पम्पराओं में निहित सत्व व ज्ञान तथा विभिन्न उत्सवों से जुड़े दर्शन को व्यावहारिक धरातल पर समझकर आत्मसात करना यही सूर्योदय विश्वनाथ शांति शोध प्रसार केंद्र की स्थापना का मूल्य उद्देश था | और इसी दिशा में नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों व परियोजनाओं के माध्यम से सूर्योदय परिवार सक्रीय रहता है |

उपलब्धियाँ – सूर्योदय विश्वनाथ शांति शोध प्रसार केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है व सूर्योदय परिवार अब तक वाचनालय, गुरुकुटी, भक्त निवास, अन्नपूर्णा मंदिर व अन्नक्षेत्र का सफलतापूर्वक संचालन कर रहा है | 



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परियोजना फोटो


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