श्री सदगुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट

सूर्योदय जल संधारण एवं संवर्धन योजना

सन : 26-01-2000 स्थान : मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र


मूल भावना – हमारा देश एक कृषि प्रधान देश है | देश का बहुत बड़ा वर्ग आज भी सीधे तौर पर कृषि से संबंधित है व प्रत्येक व्यक्ति अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है | हमारी सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था कृषि पर ही निर्भर है | आज देश को अनेक हिस्सों में जल की पर्याप्त सुविधाएँ नहीं हैं | इसका कृषि पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है | भूमि के गिरते जल स्तर के कारण गांवों के कुएं-बावड़ियाँ व नहरें सूखने की स्थिति में हैं | ऐसे में वर्षा ही एकमात्र स्त्रोत रह जाता है, लेकिन वर्तमान समाज की अमर्यादित व उपभोगवादी विचारधारा के चलते प्रकृति का समय चक्र भी प्रभावित हुआ है, जिसमें समय पर वर्षा न होना भी शामिल है | कृषि व हमारे जीवन के स्थायित्व व अस्तित्व के लिए जल संवर्धन व संधारण अति आवश्यक है, जिसके लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किये जाने की आवश्यकता है | सदगुरु श्री भैय्युजी महाराज की प्रेरणा से सूर्योदय परिवार द्वारा इस दिशा में कई प्रयास किये जा रहे हैं | जिसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग, तालाबों का निर्माण व गहरीकरण, नहरों का निर्माण प्रमुख हैं | 

संकल्प – सूर्योदय परिवार प्राकृतिक जलस्त्रोतों के संरक्षण व संवर्धन हेतु संकल्पित है | साथ ही समाज में जल की महत्ता व स्थिति के प्रति जागरूकता फैलाना है ।

हमारे प्रयास – सूर्योदय परिवार द्वारा मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के कई शहरों व गांवों में तालाब व नहरों का निर्माण व गहरीकरण किया गया | जिससे वर्षा के जल का संरक्षण किया जा सके और भूमि में जल का स्तर बढ़ सके | इस योजना के अंतर्गत समाज में जल की महत्ता व उपयोगिता के साथ-साथ वर्तमान उपलब्धता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न शिविर व कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है ।

चुनौतियाँ – इस योजना को सफल बनाने के लिए सूर्योदय परिवार निरंतर कार्यशील है और हमें यह विश्वास भी है कि हम इस कार्य में सफलता प्राप्त करेगे, लेकिन यह बात भी भली-भांति जानते हैं कि जब तक हम समाज की उपभोगवादी मानसिकता व अमर्यादित जीवन शैली में परिवर्तन नहीं लाएंगे, हम कितने भी नए स्त्रोत व संसाधन निर्मित कर लें, स्थायी हल तक नहीं पहुँच पाएगे | हमारे लिए समाज की विचारधारा का परिवर्तन करना भी सबसे बड़ी चुनौती है ।

परिणाम एवं सार्थकता – मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में कई तालाबों का निर्माण किया गया है | साथ ही कई पुराने तालाबों व नहरों के गहरीकरण का कार्य भी सफलतापूर्वक गया | विभिन्न जागरूकता शिविरों के माध्यम से जनजागृति फैलाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहे हैं | 

उपलब्धियाँ – इस योजना के अंतर्गत कई तालाबों व नहरों के निर्माण के साथ-साथ औरंगाबाद, उस्मानाबाद जिले के पुरातन शिवकालीन तालाबों को भी सूर्योदय परिवार द्वारा सफलतापूर्वक गहरीकरण कर संरक्षित करने की दिशा में प्रयास किये गए तथा वहां की उपजाऊ मिट्टी को किसानों के मध्य वितरित किया गया, जिससे वे अपने खेत को और अधिक उपजाऊ बना सके | उल्लेखनीय है कि तालाब की मिट्टी सर्वाधिक उपजाऊ होती है |

आकड़े – सूर्योदय जल संधारण एवं संवर्धन योजना के अंतर्गत अब तक ७५३ तालाबों का निर्माण किया गया एवं ९ कि.मी. लम्बी नहर के गहरीकरण का कार्य भी किया गया ।


अभियान से जुड़े – “सूर्योदय परिवार” द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से हर वर्ग एवं आयु के लोग जुड़ सकते है | यदि आप इस अभियान से जुड़ना चाहते है तो आप नीचे दिए गए नंबर पर सम्पर्क कर सकते हैं:



सम्पर्क सूत्र - 7722992266 - 8



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